दो पल और साथ...। दो पल और साथ...।
प्रिय चाँद तेरा इन्तेज़ार रहता है... प्रिय चाँद तेरा इन्तेज़ार रहता है...
मन की व्याकुलता के बारे में कुछ...। मन की व्याकुलता के बारे में कुछ...।
निगल भी न सकेे, वो फास है जिंदगी...! निगल भी न सकेे, वो फास है जिंदगी...!
अब से हर रात, जब तुम सो ना पाओगी, लाल आँखों की हैरान लकीरें, बोलो कहाँ छुपाओगी? अब से हर रात, जब तुम सो ना पाओगी, लाल आँखों की हैरान लकीरें, बोलो कहाँ छुपाओग...
एक नाम...। एक नाम...।